दूर करके सिंदूर बिंदिया को वो, अश्कों से मुझे ही सजाती रही। दूर करके सिंदूर बिंदिया को वो, अश्कों से मुझे ही सजाती रही।
मैं पहरेदार खड़ा हूँ, ए मेरे देशवासियों तुम अपनी नींद न बर्बाद करो सेना में जाना, थी मजबूरी मेरी ... मैं पहरेदार खड़ा हूँ, ए मेरे देशवासियों तुम अपनी नींद न बर्बाद करो सेना में ज...
सौगंध मातृभूमि की तुमको- विजय युद्ध विधान करो। सौगंध मातृभूमि की तुमको- विजय युद्ध विधान करो।
एक सैनिक के पापा हैं वो, उनको भी समझा देना, देश के हित में साझेदारी, उनकी भी बतला देना l एक सैनिक के पापा हैं वो, उनको भी समझा देना, देश के हित में साझेदारी, ...
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फिर संकट चाहे जैसा हो, चाहे हो वह क्रीड़ांगन या स्वयं मृत्यु ने क्रीड़ा को समरांगण कौतुक रचा कभी फिर संकट चाहे जैसा हो, चाहे हो वह क्रीड़ांगन या स्वयं मृत्यु ने क्रीड़ा को समरा...